इंसानों को नया जीवन दे सकेंगे सुअर!

दुनियाभर में लोग अंग प्रत्यारोपण के इंतजार में अपनी जिंदगी खो रहे हैं। अगर जीवों के अंग इंसानों में प्रत्यारोपित किए जाएं, तो लाखों लोगों को नया जीवन मिल सकता है। हाल ही में मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के चिकित्सकों ने इसे लेकर एक शोध किया है।  शोध में यह दर्शाया गया है कि सुअर के अंगों को इंसानों में प्रत्यारोपित करना संभव है। शोधकर्ताओं ने गंभीर रूप से एक बीमार व्यक्ति में सुअर का दिल प्रत्यारोपित कर उसे नई जिंदगी दी।  जीवों के अंग इंसानों में प्रत्यारोपित करने को चिकित्सीय भाषा में जेनोट्रांसप्लांट कहा जाता है। 


अमेरिकी एफडीए ने चिकित्सकों से जेनोट्रांसप्लांट पर अभी और शोध करने के लिए कहा है, क्योंकि जेनोट्रांसप्लांट सफल होने के दो माह बाद उस व्यक्ति की मौत हो गई। फिलहाल, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इसके चलते जीवों के अंग इंसानों में सफलतापूर्वाक प्रत्यारोपित करने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता जताई गई है। 
नॉर्थ कैरोलिना के डरहम में स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के ट्रांसप्लांट सर्जन एलन किर्क ने कहा कि प्रत्यारोपण के आंकड़े  कुछ चयनति मरीजों में छोटी और केंद्रित चिकित्सीय परीक्षण को सपोर्ट करते हैं।

अधिक शोध से सवालों के मिलेंगे जवाब
इस शोध को लेकर शोधकर्ताओं ने अमेरिकी नियामकों से लोगों में इस तरह की प्रक्रियाओं का पूरी तरह से परीक्षण करने के लिए क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति देने के लिए कहा है। बीते सप्ताह सलाहाकार समिति और अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की दो दिवसीय बैठक हुई। समिति के अधिकारियों और चिकित्सकों ने इस बात पर चर्चा की कि अंग प्रत्यारोपण के काम को आगे ले जाने की जरूरत है। बैठक में शामिल अधिकतर अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि जीवों के अंग इंसानों में प्रत्यारोपित करने का परीक्षण बेहद जरूरी है। इससे शोध में उठे सवालों के जवाब पाने में मदद मिलेगी।

सुअर के अंग बंदरों में कई बार कर चुके प्रत्यारोपित
कनेक्टिकट के न्यू हेवन में स्थित येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में वेटरिनेरी स्पेशलिस्ट कैरोलिन जीस ने कहा कि शोधकर्ता सुअर के अंगों को बंदरों में कई बार प्रत्यारोपित करने में सफल रह चुके हैं। लेकिन इंसानों में यह परीक्षण अभी पूरी तरह से सफल नहीं हुआ है। इसमें सफलता प्राप्त करने के लिए अभी परीक्षण करना काफी जरूरी है, क्योंकि अमेरिका में एक लाख से ज्यादा लोग अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। 


शोधकर्ताओं का मानना है कि जेनोट्रांसप्लांटेशन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती है। इसकी बदौलत लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है। बर्मिंघम स्थित अलबामा यूनिवर्सिटी और बाल्टीमोर स्थित मैरीलैंड मेडिकल सेंटर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने जल्द ही जेनोट्रांसप्लांट क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की बात कही है। यह शोध नेचर नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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