16,700 फीट गहरे समुद्र में मिली अनोखे आकार की 48 प्रजातियां, देखें तस्वीरें
दोस्तों, आपने समुद्र के किनारे तो कई बार सैर की होगी, लेकिन क्या आपने सैर करते हुए कभी समुद्र तल पर रहने वाले जीवों के बारे में जानने की कोशिश की है। शायद, कुछ लोग ही समुद्री जीवों में दिलचस्पी लेते हैं। खैर, हम आपको बता दें कि लंदन स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय) के वैज्ञानिकों को समुद्र की गहराई में रहने वाले जीवों की 48 प्रजातियां मिली हैं।
खास बात यह है कि इनमें से 39 प्रजातियां नई हैं, जबकि नौ प्रजातियों के बारे में वैज्ञानिक पहले से जानते हैं। दोस्तों, क्या आप यकीन कर सकते हैं कि समुद्री जीवों की इतनी सारी प्रजातियां हैं। केवल यही नहीं, इन विभिन्न प्रजातियों की खासियत यह है कि इनका आकार एकदम विचित्र तरह का है। कोई ट्यूलिप जैसी है, तो कोई चिपचिपी गिलहरी जैसी,तो कोई आलू की तरह दिखती है।
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इसका नाम गमी स्क्विरल है। यह गोंद की तरह चिपचिपी है। इसे साइक्रोपोट्स लॉन्गिकाउडा भी कहते हैं। इसकी लंबाई 60 सेमी है। इसका आंतरिक भाग लाल रंग का है। |
ये प्रजातियां मध्य प्रशांत महासागर में क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन में 16,700 फीट (5,100 मीटर) पानी के नीचे पाई गई हैं। क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन दुनिया का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे कम खोज हुई है। वैज्ञानिकों ने गहराई में रहने वाले समुद्री जीवों के नमूने एकत्र करने के लिए इस जोन में एक रोबोटिक पनडुब्बी भेजी थी।
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इसका नाम हायलोनिमा - समुद्री स्पंज है। यह समुद्र तल पर बढ़ते हुए ट्यूलिप के आकार का प्रतीत होता है। |
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| इसे पॉलीमेटेलिक नोड्यूल के रूप में जाना जाता है। |
इसे कैम्पटोसोमा एबीससेल कहा जाता है। यह सी अर्चिन का एक प्रकार है।
डॉ. ब्रिबिस्का ने कहा, यह शोध केवल इसलिए अहमियत नहीं रखता कि नई प्रजातियों की खोज की गई है, बल्कि यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेगाफौना नमूनों का पहले केवल समुद्र तल की छवियों के आधार पर ही अध्ययन किया गया था। नमूनों और उनके पास मौजूद डीएनए डाटा के बिना हम जानवरों की ठीक से पहचान नहीं कर सकते हैं और न ही यह समझ सकते हैं कि उनकी अलग-अलग कितनी प्रजातियां हैं।
सभी फोटो - डेलीमेलडॉटकॉम से ली गई हैं।





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